.. नशे और मस्ती में चूर.. हफ्तो घर नहीं आता था..
नौकरी का बहाना.. काम कर रहा हु.. बहुत प्रेसर है.. १० दिन बाद घर आये तो
गेट पर ताला लगा .. बुलेट का हार्न देने पर माँ आती थी गेट का ताला खोलने
.. खोल कर चली जाती.. बरमडे के अंदर अपनी बुलेट खड़ी कर के घर में घुसता तो
अँधेरे कमरे में पापा बैठ कर न्यूज़ पेपर पड़ते देखता.. पर लतखोर जो मै था..
पापा से पूछता .. अँधेरे में समाचार पत्र पड़ रहे है... पापा बोलते.. ये तो
१० दिन पुराना है.....
Saturday, November 16, 2013
Wednesday, November 6, 2013
एक्स्ट्रा ढक्कन
अगर कोई मुझसे पेन मांगता है तो मैं हमेशा पेन का ढक्कन निकल कर ही देता हूँ .... . . . . . . . . . . आज मेरे पास 10 -12 एक्स्ट्रा ढक्कन ...
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