post:


Showing posts with label नेपाल. Show all posts
Showing posts with label नेपाल. Show all posts

Tuesday, October 15, 2019

MUKTINATH :NEPAL : यात्रा मुक्तिनाथ की

Mustang Trip 
(Kathmandu-Pokhara-Beni-Tatopani-Marpha-Jomsom-Muktinath)

मुक्तिनाथ यह माना जाता है कि एक बार इस मंदिर में जाने से सभी प्रकार के कष्ट/शोक से राहत मिल जाती है (मुक्ति=निर्वाण, नाथ=भगवान) भगवान मुक्तिनाथ का प्रसिद्ध मंदिर नेपाल के धौलागिरी अंचल के मुस्तांग जिले में, जोमसोम से १८ किमी उत्तर पूर्व में लगभग ३७४९ मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मुख्य मंदिर पैगोडा आकार में भगवान विष्णु को समर्पित एक मंदिर है। इसके चारों ओर दीवार में बने १०८ गौ मुख जल धारा है जहा से काली गण्डकी नदी का प्रारंभ है। आज से करीब दो अरब वर्ष पूर्व पृथ्वी पर सृष्टि की शुरुआत हुई थी। विश्व बह्मांड में सभ्यता की शुरुआत जंबूद्वीप के आर्यावर्त से हुई थी। पुराणों के अनुसार, हमारी पृथ्वी ७ भागों और ४ क्षेत्रों में बंटी हुई है। उसमें सर्व प्रथम मानव सभ्यता का विकास सरीसृप युग के बाद जंबूद्वीप में हुआ। उस जंबूद्वीप में चार क्षेत्र, चार धाम, सप्तपुरी आदि का वर्णन मिलता है। उस क्षेत्र में प्रमुख मुक्ति क्षेत्र हिमवत खंड हिमालय नेपाल में पड़ता है। इन चार क्षेत्रों में प्रमुख क्षेत्र है मुक्तिक्षेत्र। नेपाल के पूर्व दिशा में वराह क्षेत्र नेपाल से बहने वाली गंडकी नारायणी और गंगा के संगम में हरिहर क्षेत्र और विश्व प्रसिद्ध कुरुक्षेत्र भारत में पड़ता है।
Read more

Monday, June 24, 2019

Pashupatinath Temple,-पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू नेपाल – दर्शन मान्यताएं और परम्पराएं

भारत सहित दुनिया भर में हिन्दू देवी-देवताओं के कई मंदिर और तीर्थ स्थान मौजूद है। आज हम जिस धार्मिक स्थल की बात कर रहे हैं , हिंदू भगवान शिव के “जानवरों के स्वामी” के रूप में अवतारित हैं जिन्हें उनके भक्त
भोलेनाथ, महादेव, रुद्र,  पचमुखी प्रभु-पशुपति आदि नाम को समर्पित स्थान है नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर यह ऐसा ही एक स्थान है, जिसके विषय में यह माना जाता है कि आज भी इसमें शिव की मौजूदगी है। कई धार्मिक स्थलों के साथ अद्भुत  मान्यताएं और परम्पराएं जुड़ी होती हैं, जो उन्हें ख़ास बनाती हैं। नेपाल की राजधानी काठमाण्डू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर भी ऐसा ही एक धार्मिक स्थल है जिसके साथ कई अनोखी बातें, मान्यताएं और परम्पराएं जुड़ी हैं।

विश्व में दो पशुपतिनाथ मंदिर प्रसिद्ध है एक नेपाल के काठमांडू का और दूसरा भारत के मध्यप्रदेश के मंदसौर का। दोनों ही मंदिर में मुर्तियां समान आकृति वाली है। नेपाल की राजधानी काठमांडू घाटी के पूर्वी भाग में पशुपतिनाथ मंदिर एक प्रसिद्ध और पवित्र हिंदू मंदिर परिसर है जो  उत्तर-पूर्व में बागमती नदी के तट पर स्थित है। पशुपतिनाथ भगवान शिव को समर्पित एशिया के चार सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर 5 वीं शताब्दी में निर्मित और बाद में मल्ल राजाओं द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था। कहा जाता है कि यह स्थल सहस्राब्दी की शुरुआत से अस्तित्व में था जब एक शिव लिंग की खोज की गई थी। पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य शिवालय शैली में एक सोने की छत, चार तरफ से ढकी हुई चांदी और बेहतरीन गुणवत्ता की लकड़ी की नक्काशी है। कई अन्य हिंदू और बौद्ध देवताओं को समर्पित मंदिर पशुपतिनाथ के मंदिर के आसपास हैं। पशुपतिनाथ मंदिर काठमांडू घाटी के 8 यूनेस्को सांस्कृतिक विरासत स्थलों में से एक है। पशुपति (संस्कृत पाओपति) । वह पूरे हिंदू जगत में पूजनीय हैं। विशेष रूप से नेपाल में, जहां उन्हें अनौपचारिक रूप से राष्ट्रीय देवता माना जाता है।

Read more

Tuesday, April 4, 2017

सेतो मच्छिन्द्रनाथ की रथ जात्रा

काठमांडू (२०७३ चैत्र २२, मंगलवार) आज नेपाल में चैते दशाहिं (चैते दशैं), मतलब चैत्र के नवरात्र की Astmi तिथि, नेपाल के सभी सिद्ध देवी मंदिरों में मनाया जाता है, "चैते दशाहिं" में बड़ा दशाहिं (नेपाली हिन्दू का महान पर्व महान चाड बडा दशैं ) जैसे ही माँ दुर्गा भवानी की आराधना की जाती है, आज के दिन काठमांडू के दक्षिण काली, शोभा भगवती, गुहेस्वारी, नक्साल भगवती, संकठा, कलिका स्थान, मैती देवी के साथ ही गोरखा जिले के माँ मनकामना, काभ्रे जिले के पलान चौक भगवती, पोखरा के माँ विन्दवासिनी,सहित देश के सभी शक्ति पीठ में भक्त पूजा अर्चना करते है, और आज ही नेपाल में नेवारी समूह का एक बड़ा पर्व "सेतो मछेंद्र की रथयात्रा (सेतो मच्छिन्द्रनाथ की रथ जात्रा) का भी पर्व मनाया जाता है., जिसे जनबाहा द्यो, आर्यवलोकीतवारा, करुनामाया के नाम से भी जाना जाता है, जिन्हें हिन्दू और बौध दोनों
Read more