post:


Showing posts with label माता जी की तीर्थ यात्रा. Show all posts
Showing posts with label माता जी की तीर्थ यात्रा. Show all posts

Friday, July 8, 2016

चेन्नई दर्शन

सुबह ६ बजे माता जी ने जगाया... देख चेन्नई आवत हव.. उठ... मै  भी हडबडा के उठा... पूछ ताछ करने पर पता चला की 7 बजे तक पहुचे ही चेन्नई इग्मोर .

सामान ले बाहर निकले यात्रियों के पीछे ही.. मुख्य सड़क पर आते ही एक ऑटो वाले से पूछा.. आसपासकोई अच्छा होटल.... ऑटो वाले ने पूछा बजट... मैंने १०००-१२०० रुपये बोला AC रूम के लिए... उसने सामान रख ऑटो में बैठा कर पास ही एक होटल में पंहुचा दिया... होटल कुछ पुराने ढंग का था लेकिन करना क्या था.... होटल में एंट्री कर पहुच गए रूम में... चाय मगा कर  पिलाया माता श्री को... फिर निचे उतरे आस पास देखने... सुबह का समय था... तो सड़क भी एक दम खाली ही... लेकिन आस पास और भी होटल थे...आधे घंटे के चक्कर लगाने के बाद वापस पहुचे होटल... वहा काउंटर पर लोकल साइड सीन के बारे में पूछा तो पता चला की यहाँ मिनी बस से साइड सीन की
Read more

Monday, June 6, 2016

कन्याकुमारी और तिरुअनंतपुरम

(6 May 2016- Friday ) कश्मीर भारत माता का मस्तिष्क है तो कन्याकुमारी चरण। कन्याकुमारी, तमिलनाडु राज्य का एक प्राचीन शहर है। इस शहर का नाम कन्याकुमारी ही क्यों हैं? इस नाम के पीछे एक पौराणिक कथा का उल्लेख है।
एक कहावत के अनुसार बहुत समय पहले बानासुरन नाम का दैत्या हुआ था। उसने भगवान शिव कीतपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया और वरदान मांगा कि उसकी मृत्यु कुंवारी कन्या के अलावा किसी से न हो। शिव जी ने उसे मन माँगा वरदान दे दिया। उसी कालक्रम में भारत में ही एक राजा हुए जिनका नाम था भरत। राजा भरत की आठ पुत्रियां और एक पुत्र था। राजा भरत ने अपना साम्राज्य 9 बराबर हिस्सों में बांट दिया। दक्षिण का हिस्सा जहां वर्तमान में कन्या कुमारी है राजा भरत की पुत्री कुमारी को मिला। मान्यता है कि कुमारी को शक्ति देवी का अवतार माना जाता है।
Read more

Sunday, June 5, 2016

रामेश्वरम साइड सीन

(5 May 2016- Thursday ) रामेश्वरम मंदिर की एक खास दर्शन है “मणि दर्शन” जो मंदिर में सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच मणि दर्शन कराया जाता है और मणि दर्शन में स्फटिक के शिवलिंग का दर्शन होता है सुबह सात बजे के बाद मणि दर्शन बन्द कर दिये जाते है उनके दर्शन करने के लिये नहा धोकर सुबह पांच बजे ही तैयार होना पडता है जब कहीं जाकर मंदिर में लाइन लगाकर दर्शन होते है, मणि दर्शन का शुल्क ५०/- है जिसका टिकट मंदिर के अन्दर ही मिलता है तो माता जी ५ बजे जगा दी.. अपने नहा धो के तैयार... फटाफट मै भी सुबह ही नहा धोकर, माता जी ने दूसरा धोती कुर्ता निकाल के रखा था तो तैयार हो मणि दर्शन करने के लिये पहुच गए मंदिर के अन्दर ..मणि दर्शन के लिए भी ५० लोगो की भीड़ थी... लेकिन हमारा नंबर आया ... सफ़ेद  स्फटिक के शिवलिंग.. उनके आगे एक ज्योति जल रही थी.... लगा की उस पल को देखने के लिए शायद यही सत्य है... वेद के अनुसार, इस "शेषनाग" के "मणि" है इस लिए इन्हें मणि दर्शन कहा जाता है फिर
Read more

Saturday, June 4, 2016

रामेश्वरम यात्रा

(4 May 2016 –Wednesday) सुबह उठकर रामेश्वरम के लिये निकलना था। इसलिये सुबह पाँच बजे ही उठकर नहा धोकर तैयार भी हो गये। बस वाले ने सुबह 7 बजे का समय दिया था। लेकिन जब सवा 7 बजे तक भी हमें लेने कोई नहीं आया तो मन में खटका कि हमें यही छोड़कर तो नहीं भाग गये? लेकिन शुक्र रहा कि ठीक 7:30 पर हमें लेने के लिये एक आदमी आया हम उसके साथ बस तक चले गये। मदुरै से बिदा.. यहाँ से बस में बैठकर रामेश्वरम के लिये निकलने की तैयारी होने लगी। दूसरी बस कल वाली बस की तरह थी मिनी बस ..। सामान पीछे की डिक्की में डाल दिया और लैपटॉप का बैग हाथ में .. और होटलों से यात्रियों के लेते हुवे बस मदुरै रेलवे स्टेशन वाले मोड़ पर ठीक नौ
Read more

Friday, June 3, 2016

कोडईकनाल

( 3 May 2016- Tuesday) आज की यात्रा थी तमिलनाडु का हिल स्टेसन “कोडईकनाल” भारत के तमिल नाडु राज्य में बसा एक शहर है। समुद्र तल से २१३३ मीटर ऊंचा तमिलनाडु का कोडईकनाल हिल रिजॉर्ट अपनी सुन्दरता और शान्त वातावरण से सबको सम्मोहित कर देता है। पाली हिल के बीच बसा यह जगह दक्षिण भारत का बेहद ही सुकून देने वाली हिल स्टेशन है। यहाँ की झीलें, आकर्षण दृश्य और ठंडी वादियां सचमुच किसी स्वप्न से कम नहीं लगती। मदुरै से कोडैकनाल सिर्फ १२० किलोमीटर दूर है

तो माता जी ने कभी हिल स्टेशन नहीं  देखा था... इस लिए सोचा की माँ को उधर भी घुमा ले.. सुबह ६ बजे माता जी चिल्लाई उठ... केतने बजे बस आई.. बस फटा फट.. उठा.. २ चाय मगाया... कमरे के
Read more

Wednesday, June 1, 2016

मदुरई साइड सीन

दिन के तीन बजे हम निकले एक मिनी बस से मदुरई के अन्य दर्शनीय जगहों के दर्शन के लिए उस मिनी बस में १२-१४ परिवार था जो सब हिंदी ही बोल रहे थे

मदुरै के टूर के लिए वहा छोटे छोटे ट्रेवल एजेंट है... जो आपके बजट के हिसाब से प्लान बना देते है... और सभी एजेंट अपने अपने यात्रियों को उस रूट के बस पर यात्रिओ को बैठा देते है... जिसमे बस और गाइड की ब्यवस्था होती है...और गाइड घुमाने के एवज में २०-२० रुपये लेता है..   तब हम भी सवार हो चले... साथ ही अन्य एजेंट के भी यात्री के साथ ...
Read more

मदुरई यात्रा

दिनांक : (1 May 2016-Sunday) अब तयारी थी श्री सैलम से मदुरई के लिए, हमारी बस (Andhra Pradesh State Road Transport Corporation  ) की दिन के १२.३० पर खुली श्री सैलम बस स्टैंड से कर्नूल के लिए, ड्राईवर ने बताया की शाम ४.३० तक बस पहुचेगी गर्मी भी ठीक ठाक ही थी, बस की रफ़्तार भी औसत ही थी, लेकिन वहा के सडको की हालत उत्तर भारत से बेहतर ही दिखा, निर्धारित समय पर बस ने कुर्नुल पंहुचा ही दिया हैदराबाद के लिए मदुरई की बस थी जो कर्नूल हो कर गुजरती है इस लिए हमारी बोर्डिंग थी कर्नूल  से.. दक्षिण भारत में आराम दायक बस के लिए kpn ट्रेवल ठीक है उनकी Volvo A/C Multi Axle Semi Sleeper (2+2) सीटर बस की यात्रा आरामदायक है कर्नूल से मदुरई के लिए करीब 12:15 Hrs.  लगते है.. कुर्नूल, आंध्रप्रदेश  राज्य के बड़े शहरों मे एक है। यह तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा है। आंध्र प्रदेश के अवरतण के पूर्व कर्नूल नवंबर १, १९५६ तक आंध्र राष्ट्र का राजधानी था।
Read more

Sunday, May 29, 2016

श्रीशैल, श्रीमल्लिकार्जुन, श्रीशैलम (श्री सैलम ) की यात्रा

(29 April 2016- Friday) भगवान तिरुपति के दर्शन से जीवन सफल हुवा.. माता जी भी प्रस्सन थी, तिरुपति की पहाडियों से उतर कर तिरुपति के श्री निवास बस स्टैंड से श्री सैलम के लिए बस पकडनी थी, लेकिन जानकारी तो कुछ थी नहीं की वहां देखने के लिये क्या क्या है,रुकने की क्या व्यवस्था है, रास्ते में अगर देखने लायक कोई जगह है तो उसके लिये कहां उतरना है …बोले तो कोई जानकारी नही थी। हालांकि इस तरह कही जाने का अपना अलग मजा है। आप झोला उठाइये और जिधर मन आये चल दीजिये। यह सोंचकर, कि जो होगा वो देखा जायेगा। हमारी जिप तिरुपति शहर में पहुच चुकी थी, निवेदन किया की भाई बस स्टैंड तक छोड़ दो, जो पैसे हो ले लेना, तो जिप वाले ने बस स्टैंड के थोडा पहले उतर दिया, हमने भी २५०/- दो लोगो का भुगतान कर दिया, जिप से उतर, सामान लाद चल दिए बस स्टैंड की तरफ, तभी माता श्री को नारियल पानी पिने का मन किया, बस
Read more

तिरुपति बालाजी की कथा और आस पास

तिरुपति बालाजी की कथा :
वराह पुराण में वेंकटाचलम या तिरुमाला को आदि वराह क्षेत्र लिखा गया है। वायु पुराण में तिरुपति क्षेत्र को भगवान विष्णु का वैकुंठ के बाद दूसरा सबसे प्रिय निवास स्थान लिखा गया है जबकि स्कंदपुराण में वर्णन है कि तिरुपति बालाजी का ध्यान मात्र करने से व्यक्ति स्वयं के साथ उसकी अनेक पीढ़ियों का कल्याण हो जाता है और वह विष्णुलोक को पाता है। पुराणों की मान्यता है कि वेंकटम पर्वत वाहन गरुड़ द्वारा भूलोक में लाया गया भगवान विष्णु का क्रीड़ास्थल है। वेंकटम पर्वत शेषाचलम के नाम से भी जाना जाता है। शेषाचलम को शेषनाग के अवतार के रूप में देखा जाता है। इसके सात पर्वत शेषनाग के फन माने जाते है। वराह पुराण के अनुसार तिरुमलाई में पवित्र पुष्करिणी नदी के तट पर भगवान विष्णु ने ही
Read more

Saturday, May 28, 2016

भगवान तिरुपति के दर्शन

(28 April 2016 Thursday) भक्‍तों के ठहरने के लिए वहां धर्मशाला से लेकर कॉटेज तक की पूरी व्‍यवस्‍था है...और इनका किराया महज ५० से १००० रुपए रोज पर आपको यहां धर्मशाला और कॉटेज मिल जाता है, लेकिन इसके लिए इंटरनेट से पहले ही बुकिंग लेनी पड़ती है। लेकिन हमने कोई बुकिंग नहीं की थी... तो drivar के साथ पहुचे कमरा लेने के लिए... उसको बोला एक AC रूम दिलवा दे भाई... बुकिंग आफिस में करीब १५० लोगो की लाइन... हम भी लगे लाइन में... वहा डिस्प्ले के माध्यम से खाली कमरों की सुचना दी जाती है जिसमे AC रूम सिर्फ २ ही थे जो खाली नहीं थे... सिर्फ ५० रुपये वाले ही कमरे.. तो क्या करते ले लिए ५० रुपये में काटेज जिसके लिए ५००/- रुपये कासन मनी जमा करनी पड़ती है जो
Read more

Thursday, May 26, 2016

माता जी की तीर्थ यात्रा “ भाग २

तो पिछले साल की तरह इस साल भी माता जी को ले निकल पड़े “माता जी की तीर्थ यात्रा “ भाग २ में.. इस बार का थीम था दक्षिण भारत, जहा २ ज्योतिर्लिंग है.... श्री सैलम और श्री रामेश्वरम... 

तो इस बार के यात्रा का रूट कुछ ऐसा था.. वाराणसी से तिरुपति होते श्री सैलम से मदुरै के दर्शन के बाद रामेश्वरम से कन्या कुमारी के बाद चेन्नई होते हुवे वाराणसी.. करीब १५ दिन की यात्रा... तिरूपति बालाजी, श्री सैलम (मल्लिकाजरुन ज्योर्तिलिंग), मदुरै के मीनाक्षी मंदिर, पद्मनाभम मंदिर, रामेश्वरम,व कन्याकुमारी का भ्रमण :
Read more

Saturday, May 9, 2015

मुंबई-दिल्ली-वाराणसी

 ९ मई २०१५ (शनिवार ) -अब यात्रा समाप्ति और घर वापसी 

अब मुंबई के बाद दिल्ली के बारी थी, मन में एक सपना था.. माता जी को भारत के बेहतरीन तस्वीर दिखाई जाय इस लिए माता जी के लिए मुंबई से दिल्ली के लिए एयर इंडिया के विमान 809 जो मुंबई राची वाया दिल्ली से यात्रा का प्रोग्राम बनाया था,घर से एअरपोर्ट के लिए मुंबई में "सवारी" नामक कंपनी है तो स्थानिय स्तर पर टैक्सी उपलब्ध कराती है तो मुंबई एअरपोर्ट जाने के लिए और दिल्ली में
Read more

Thursday, May 7, 2015

मुंबई दर्शन

मुम्बई दर्शन (मुम्बई भ्रमण) ८ मई २०१५- शुक्रवार ..(टैक्सी के द्वारा) 

आज का प्रोग्राम था मुम्बई दर्शन तो सुबह ही नहा धो कर तैयार हो गए और १० बजे टैक्सी आने वाली थी खैर पूरा मुंबई घुमने का सोच रखा था लेकिन माता जी के लिए पहले सिद्धि- विनायक मंदिर और मुम्बा देवी था, तो हम माता जी के ले मामा जी और मामी जी के साथ चल पड़े मुंबई दर्शन के लिए हमारी टैक्सी निकल पड़ी भयंदर से मुंबई सेंट्रल वाया.

Read more

Wednesday, May 6, 2015

मुंबई दर्शन

(६ मई २०१५- बुधवार, यात्रा का नौवा दिन)
आज नौ दिन सिर्फ अम्मा के साथ, शायद अपने होसो हवास में ४२ साल की इस उम्र में पहली बार, जो इतना समय बिताया माँ के संग, मन उदास हो चूका था की अब ये यात्रा ख़त्म होने के कगार पर, मेरी हालत ऐसे ही, जैसे किसी मुजरिम को फासी की सजा.. कैसे बीत गया ये नौ दिन, मै अपने को तो एकदम बच्चा ही समझ रहा था क्यों की माँ थी न मेरे पास, खैर अब तो चलना ही था, तो अम्मा को ले चल पड़े द्वारका स्टेशन, अगली ट्रेन जो थी मुंबई की .. उदास मन आज लगा की भगवान भी कोई चीज है.. 
Read more

Tuesday, May 5, 2015

द्वारकाधीश मंदिर

(५ मई २०१५-मंगलवार, तीर्थ यात्रा का आठवा दिन) : यह पवित्र नगरी कई मायनों में अति महत्त्वपूर्ण है जैसे हिन्दू धर्म के मुख्य चार धामों में से एक, हिन्दू पुराणों के अनुसार सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक तथा आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों दिशाओं में स्थापित मठों में से एक श्री शारदा मठ यहीं पर स्थित है. यह नगर भगवान श्री विष्णु के १०८ दिव्य देसम में से भी एक है. हिन्दू पुराणों के अनुसार द्वारका सात मोक्षदायी तथा अति पवित्र नगरों में से एक है. गरुड़ पुराण के अनुसार- 

अयोध्या,मथुरा, माया, कासी, कांची अवंतिका,
पूरी, द्वारावती चैव सप्तयिता मोक्षदायिकाः

Read more

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

(५ मई २०१५-मंगलवार, तीर्थ यात्रा का आठवा दिन) ४ मई शाम को चल दिए सोमनाथ - द्वारका ट्रेन # 19251 SMNH OKHA EXP दुरी 408 किलो मीटर, रात में माता जी खाना खा कर सो चुकी थी.. तो हम भी गूगल बाबा के मदत से समझने लगे क्या है.. द्वारिका 
Read more

Monday, May 4, 2015

सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर, प्रभास पतन, वेरावल, सौराष्ट्र, गुजरात

(४ मई २०१५-सोमवार, तीर्थ यात्रा का सातवा दिन) निर्धारित समय रात के १० बजे अहमदाबाद से हमारी ट्रेन खुल चुकी थी... ट्रेन में हमारा बोगी भी करीब खाली ही था, बोगी तो हमारी वतानुकिलित थी लेकिन गर्मी का एहसास ही था , १० बजे खाना खा लिया, माता जी बिस्तर पर, नींद नहीं आ रही थी.. तो लगे वेद पुराणों के बारे में चर्चा करने.. बात करते करते रात का १ बज गया ... फिर सो ही गए.. सुबह माता जी ने जगाया देखा सोमनाथ आ गयल.. "अम्मा हम लोग से वेरावल उतरे के हव .. उठ.. पाहिले कहा पहुचल ट्रेन, पूछ ताछ करने पर पता चला की अभी ट्रेन वेरावल से एक स्टेशन पहले "चोर्वाद रोड" क्रास की है करीब ६.३० तक पहुच जाएगी .. बोगी पूरी ही खाली हो चुकी थी, १५ मिनट का समय बाकी था तो सामान ले गेट पर आ गए.. २० मिनट बाद ६.४० पर हम पहुच ही गए वेरावल स्टेशन .. कोई कुली भी नहीं था वहा तो सारा सामान उठाकर प्लेटफोर्म ब्रिज क्रॉस कर के बाहर निकले
Read more

Sunday, May 3, 2015

अहमदाबाद

(३ मई २०१५ ) २ मई की शाम पूना से अहमदाबाद रात्रि ९ बजे की Train No : 12298, दुरी ६६५ किलो मीटर,
अहमदाबाद यानी गुजरात की राजधानी। भीड़ भाड़ वाला अतिव्यस्त शहर. ३ मई की सुबह 0६:१५ पर अहमदाबाद पहुच ही गए, मुख्य रेलवे स्टेशन अहमदाबाद जंक्शन को यहां लोग कालूपुरा भी कहते हैं, जैसे बनारस के मुख्य स्टेशन को कैंट कहा जाता है।
Read more

फोटो गैलरी

फोटो गैलरी  

Read more

Saturday, May 2, 2015

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

२ मई २०१५ -शनिवार, तीर्थ यात्रा का छटवा दिन
औरंगाबाद-श्री भीमशंकर
तो सुबह ५ बजे हम ही उठ गए.. क्यों की आज की यात्रा लम्बी थी औरंगाबाद से भीमा शंकर, सुबह ९ बजे भीमशंकर के लिए प्रस्थान करना था, क्यों की दुरी–२८५ किलो मीटर थी, अम्मा अभी सो रही थी, क्यों की कल की औरंगाबाद की यात्रा से थक चुकी थी, सुबह ही २ चाय बोल दिया, और कमरे के बाहर एक सिगरेट जला कर टहलने लगा, २० मिनट के बाद चाय भी आ गया कमरे में, ६ बज चूका था, तो अम्मा को जगाया, ब्रश कर अम्मा चाय पि.. गयी बाथरूम तो मै लग गया अपने सामान की पैकिंग में, क्यों की ६ दिन का कपडा धुलवा दिया था, तो उसकी पैकिंग, तब तक अम्मा नहा धो के रेडी.. फिर हम भी तैयार हो लिए नहा धो कर, अम्मा भी अपना पूजा पाठ कर सामान पैक कर चुकी थी.. वैसे भीमा शंकर में पूजा का समय ३ बजे से ५ बजे तक सोच रखा था बिना भीमा शंकर के पूजा के अम्मा कुछ खाती नहीं तो, बाहर जा कर महारास्ट्र का प्रसिद्ध श्रीखंड ले लिया, कब तक अम्मा भूखे रहती भीमाशंकर मंदिर महाराष्ट्र के भोरगिरि गांव, जो की खेड़ तालुका से ५० कि.मि. उत्तर-पश्चिम तथा पुणे से ११० कि.मी. में स्थित है। यह पश्चिमी घाट के सह्याद्रि पर्वत पर ३२५० फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहीं से भीमा नदी भी निकलती है जो की दक्षिण पश्चिम दिशा में बहती हुई आंध्रप्रदेश के रायचूर जिले में कृष्णा नदी से जा मिलती है। यहां भगवान शिव के भारत में पाए जाने वाले बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है, तब तो यात्रा में ४ से ५ घंटे तो लगना ही था, अब ९.२० पर अपनी टैक्सी भी आ गयी, तो टैक्सी में सामान रख होटल से बिदा लिए और अपनी टैक्सी से चल पड़े माता जी को ले भीमा शंकर के दर्शन के लिए हमारा मार्ग था औरंगाबाद-मंचर-शिनोली-घोडगांव होते हुवे भीमा शंकर के लिए
   
Read more